आर्य समाज अंतरजातीय विवाह सेवा - राष्ट्रीय एकता के लिए जाति भेद को समाप्त करके सामाजिक समरसता स्थापित करने के उद्देश्य से अंतरजातीय विवाह करने के इच्छुक युवक-युवतियां कानून मान्य आर्य समाज वैदिक विधि से विवाह हेतु संपर्क करें। Contact for Intercaste Marriage at your place. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें - https://www.allindiaaryasamaj.com/
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Monday, 6 January 2020
सर्वनाश की जड़ शराब
कर दे शराब खाना खराब चेहरा बेआब जैसे मुर्दा लाश हो। शराब मनुष्य को चोर, जार, जुवारी, मांसाहारी, कामी, क्रोधी, कुकर्मी, कायर, क्रूर, निर्लज्ज बना सर्वनाश के रास्ते पर ले जाकर छोड़ देती है। फिर ऐसा कौन सा पाप है जो शराबी नहीं करता, यह पापिन शराब मनुष्य के लोक परलोक को बिगड़कर मिट्टी में मिला देती है। नशे तो सारे ही मनुष्य के जीवन को बर्बाद कर देते हैं। आज का नौजवान नाना प्रकार के नशों में ग्रस्त हो रह है। वह माता पिता की सुनता ही नहीं। यह अपने लफंगे यार दोस्तों में बैठकर बीड़ी, सिगरेट, सुलफा, गांजा, स्मैक, सिगार, तम्बाखू, गुटका, नाना प्रकार की नशीली गोलियां खाता-पीता रहता है। न पढता है और नहीं कोई काम करता है। सारा दिन आवारागर्दी करता रहता है और वह मूर्ख उसी को सुख का साधन मनाता है।
जिन्हें अपने माता पिता की शर्म नहीं है, न अपने परिवार की मान मर्यादा की शर्म है, किसी बड़े छोटे की शर्म है ऐसे बेशर्म नौजवान क्या तो अपना भला करेंगे और क्या देश जाति का भला करेंगे? ऐसे जवानों का क्या हश्र होगा, किसी ने ठीक ही कहा है, ''जिंदगी बिताई महफिलों में और मौत आई मेडिकलों में''। यह हालत है आज के नौजवानों के, माता पिता सोचते थेबड़े दुःखों कष्टों से पाला है लाड़ला, यह हमारे बुढ़ापे का सहारा बनेगा, पर आज का नौजवान माता पिता पर भार बन रहा है। इन सभी उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए माता पिता अपनी संतानों की सुशिक्षा दें या दिलाया करें और उन पर निगरानी व्यभिचारी हैं। बुरी संगत में बैठने से ही मनुष्य जीवन बर्बाद होता है। व्यसनों की लत लगी फिर वह जिंदगीभर नहीं छूटती। आपकी खून-पसीने की कमी धन, धरती, घरबार, चल अचल संपत्ति बर्बाद कर देगा और शादी के बाद एक दो बच्चे भी हो जायेंगे। घर में रोजाना लड़ाई झगड़ा मारपीट, गाली गलोच का सिलसिला चलता रहता है। आप कुछ कमाता नहीं चोरी, ठगी में नियत रखेगा और घरवाली के पैसे, जेवर, कपडे सभी को बेच देगा और अपनी अंगूठी अलमारी तक भी बेचकर शराब पी जावेगा।
फिर घर में कंगाली आ जावेगी और घरवाली से पैसे मांगता रहता है और फिर यह मजबूर होकर किसी के बर्तन साफ करती है तो किसी के कपड़े साफ करती है तभी बच्चों का पेट भरती है। पर उस बेशर्म को तो शर्म आती ही नहीं क्योंकि वह शराबी है, नशेड़ी है। इसलिए उसके घर में गरीबी, कंगाली, बरबादी, बीमारी डेरा डाले रहती है और अंत में बच्चे भूखे गलियों में नंगे पाव घूमते रहते हैं उन्हें कोई अपने पास बैठने नहीं देता, अपने बच्चों के साथ खेलने नहीं देता, ऐसी हालत बना दी शराब ने। आखिर में एक कफन का भी मोहताज हो जाता है। इसलिये सभी नशों को छोड़ और विद्वानों के बताये गये सत्यमार्ग पर चलो तभी जीवन सफल होगा। तभी जीवन सुखी होगा। दुष्ट कर्मों को छोड़ अपने आप को सुधार ले नहीं तो नर्क वही लोग भोगते हैं जो उलटे मार्ग पर चलते हैं। मानव का तन निर्बल की तन मन धन से सहायता करो, यही मनुष्य धर्म है। यही श्रेष्ठ कर्म है। तभी जीवन सफल होगा।
Please give alcohol to a spoiled face like a dead corpse. Alcohol leaves man on the path of apocalypse, making him a thief, a jar, a juvenile, a carnivore, a carpenter, a grudge, an evil, cowardly, cruel, shameless. Then what is the sin that does not make drunk, this sinful wine spoils the human world and mixes it in the soil. Drugs ruin the life of all human beings. Today's youth is suffering from various types of drugs.
सामाजिक प्राणी
संस्कार हमारे आचरण की पहचान होते हैं। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और जीवन पर्यंत समाज से जुड़ा रहता है, क्योंकि अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्...

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प्रकृति ने मनुष्य को स्वतंत्रता दी है कि वह अपने चिंतन का उपयोग ऊंचाइयों का स्पर्श करने में करे या पतन के अन्ध कूप में गिर पड़ने में। जबकि उस...
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भगवान का विराट रूप देखकर अर्जुन भयभीत हो रहा है और वह प्रार्थना करता है भगवान से कि हे प्रभु ! हमें तो आप अपना वही चतुर्भुज रूप दिखाइये, उसी...
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संस्कार हमारे आचरण की पहचान होते हैं। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और जीवन पर्यंत समाज से जुड़ा रहता है, क्योंकि अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्...